भारत-चीन सीमा विवाद के चलते उत्तरकाशी जिले की सीमा पर बढ़ाई जा रही चाक-चौबंद

युँ तो चालबाज चीन कभी अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आता लेकिन गत महीनों में ड्रैगन के नापाक इरादे बढ़ – चढ़ कर सामने आ रहे हैं l भारत-चीन सीमा प बढ़ते तकरार को देखते हुए, उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में नेलांग सीमा की अंतिम चौकियों पर भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आइटीबीपी) के जवानों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

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वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने बीते दो दिनों की तरह बुधवार को भी सीमांत क्षेत्र में उड़ान भरी। हालांकि, आइटीबीपी की उप महानिरीक्षक अपर्णा कुमार का कहना है कि उत्तराखंड से लगी सीमा पर अभी हाई अलर्ट तो है, लेकिन फिलहाल टकराव जैसी कोई बात नहीं है।

भारत-चीन सीमा विवाद के चलते उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में सीमा पर बढ़ाई जा रही चाक - चौबंद
प्रतीकात्मक चित्र


साथ ही जो जवान कोरोना पॉजिटिव हुए थे, स्वस्थ होने के बाद अब उन्हें भी सीमा पर भेजा जा रहा है। उत्तराखंड, हिमाचल के पहाड़ी इलाक़ों पर स्थानीय निवासियों का भी सेना के साथ अच्छा तालमेल है।

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पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा या लाइन ऑफ ऐकचुअल कंट्रोल पर भारत-चीन के बीच बढ़ते तनाव के बाद उत्तराखंड के सीमांत इलाकों में भी वायु सेना पूरी तरह अलर्ट है। चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर भी सेना को और मुस्तैद कर दिया गया है l भारत-चीन के बीच उत्तराखंड में 345 किमी लंबी सीमा है, जिसका 122 किमी का हिस्सा उत्तरकाशी में पड़ता है। इस सीमा पर चौकसी आइटीबीपी द्वारा की जाती है।