उत्तरकाशी: वरुणा घाटी की नाराजगी, बीजेपी को 2022 चुनाव में पड़ सकती भारी

न्यूज डेस्क उत्तरकाशी- उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से सटे वरुणा घाटी आज भी विकास केेेे लिए तरस रही हैै। वरुणा घाटी की नाराजगी बीजेपी को 2022 चुनाव मेंं भारी पढ़ सकती है।

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बीजेपी का गढ़ कही जाने वाली वरूणा घाटी की नजरे विकास को ढूंढ रही है। जिला मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दूर होने के बाद भी वरुणा घाटी विकास से अछूता है। 2017 में बीजेपी की सरकार आने से लोगों की उम्मीदें बढ़ी थी, परंतु 3 साल बीत जाने के बाद भी हालात जस के तस हैं।

वरुणा घाटी की नाराजगी के कारण

वरुणा घाटी की समस्याओं को लेकर क्षेत्रवासियों ने जनप्रतिनिधियों से कई बार मुलाकात की, परंतु क्षेत्र की समस्याओं में कोई सुधार नहीं आया।

वरूणा घाटी में स्थित विद्यालय की हालत– वरुणा घाटी में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज की हालत इतनी जीर्ण शीर्ण हो रखी है, कि स्थानीय लोगों द्वारा विद्यालय की छतों को त्रिपाल सेट करना पड़ रहा है। इस विद्यालय में आसपास केे 56 गांव के बच्चेेेेे पढ़ने को आते है।

संचार सुविधा का अभाव- वरूणा घाटी मेें लगभग 7-8 साल पहले बीएसएनल का टावर लगाया गया था, परंतु आज भी वह मात्र शोपीस बनकर खड़ा है। इतने सालों में यह टावर 1 दिन भी सक्रिय अवस्था में नहीं रहा।

सड़कों की खस्ताहाल– वरूणाघाटी के करीब 12 गांंवों को जोड़ने वाली ज्ञानशु-साल्ड-उपरीकोट मोटर मार्ग का लाखो का बजट होनेेे के बाद भी इस रोड की हालत खस्ताहाल हैै। 2 विभागोंं के होने केेेे बाद भी इस सड़क के हाल बहुत खराब है।

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सड़क को यमुनोत्री से जोड़ने को लेकर उदासीन रवैया

बता दें कि ज्ञानशु-साल्ड-उपरीकोट मोटर मार्ग को लेकर 2014-15 में स्यानाचट्टी से जोड़ने को लेकर सर्वे किया गया था, जिससे गंगोत्री और यमुनोत्री के बीच लगभग 45 किलोमीटर का फासला कम हो जाएगा। परंतु इतने सालों के बाद भी सर्वे होने के बाद अभी तक इस मामले में कोई खास कार्य हुआ नहीं है। इस योजना को तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने घोषणा की थी, परन्तु इस सड़क को पर्यावरण मंत्रालय से स्वीकृत नही मिल पा रही है।

वरुणा घाटी की  ज्ञानशु-साल्ड-उपरीकोट मार्ग को लेकर आवेदन

केन्द्र और राज्य में बीजेपी सरकार होने से लोगों की उम्मीदें बढ़ गयी थी, पर डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद सरकार का इस पर उदासीन रवैया होने से लोगों में खासी नाराजगी दिख रही है।

वरुणा घाटी के लोगों में गंगोत्री विधानसभा विधायक गोपाल सिंह रावत के प्रति नाराजगी साफ जाहिर हो रही है। अब यह देखना होगा कि स्थानीय निवासी अपनी यह नाराजगी किस तरह से व्यक्त करते है।