उत्तरकाशी: जाम में फंसी रही एंबुलेस, महिला ने आधे रास्ते में दिया बच्चे को जन्म

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली किसी से छिपी नहीं है, वहीं सड़कों पर बढ़ते जाम की वजह से लोगों का जीना दुश्वार हो रखा है। जाम की वजह से कई बार आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पाती, जिसका खामियाजा बीमार/गर्भवती महिलाओं को उठाना पड़ता है। ऐसे ही हाल उत्तरकाशी जनपद के पुरोला ब्लाक का है जहां जाम की वजह से 108 आधे घंटे तक फंसी रही और एंबुलेंस का इंतजार करती गर्भवती महिला ने आधे रास्ते में बच्चे को जन्म दे दिया। आसपास की महिलाओं ने चारों ओर चादरों और कपड़े से ढ़ककर बीच सड़क पर महिला का प्रसव कराया।

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उत्तरकाशी जनपद के मोरी ब्लॉक के आराकोट गांव निवासी मीनाक्षी प्रसव कराने के लिए करीब एक माह पूर्व अपने मायके पुरोला गांव आई हुई थी। सोमवार सुबह मीनाक्षी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 108 सेवा को फोन किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से 108 सेवा गर्भवती को लेने के लिए पुरोला गांव को निकली, लेकिन कुमोला रोड व मुख्य बाजार में जाम के चलते एंबुलेंस आधा घंटे तक रास्ते में ही फंसी रही। गांव से अस्पताल की दूरी करीब 2 किमी है। इंतजार करने के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो परिजन गर्भवती को पैदल ही अस्पताल के लिए निकल गए।

महिला ने रास्ते में बच्चे को जन्म

गर्भवती महिला अस्पताल पहुंचती उससे पहले प्रसव पीड़ा तेज होने लगी। आस-पास की महिलाओं ने करहाने की आवाज सुनी तो महिलाओं ने प्रसव पीडि़ता को चारों ओर से चादर व कपड़ों से ढककर आधे रास्ते में ही प्रसव करवाया। वहीं पांच सौ मीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरोला में चिकित्सकों को सूचना मिलते ही नर्सिंग स्टाफ स्ट्रेचर लेकर पहुंचा। फिर जच्चा-बच्चा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं।‌‌