उत्तराखंड में भले ही राजनैतिक दल चुनावी दौर में बड़े-बडे वायदे क्यों ना कर ले, लेकिन सत्ता में आने के बाद स्थिति जैसी की तैसी ही रहती है. ताज़ा मामला हल्द्वानी का है जहां प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को भर्ती करने बजाय दूसरे दिन आने को कहा. लेकिन घर लौटते वक्त गर्भवती महिला ने बीच चौराहे पर ही बच्चे को जन्म दे दिया.

स्वजनों ने अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. दरअसल बीते मंगलवार को देर रात हल्द्वानी स्थित गफूर बस्ती की रहने वाली महिला को प्रसव पीड़ा के बाद स्वजनों के साथ अस्पताल पहुंची। लेकिन अस्पताल कर्मियों ने उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया.

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टेंपू से वापस आने को मजबूर हुई गर्भवती महिला

जब अस्पताल से गर्भवती महिला को दो तीन दिन बाद आने की बात कही तो स्वजनों ने घर लौटने के लिए एक टेंपू बुक किया लेकिन छतरी चौराहा पर ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया. विकट परिस्थितियों में प्रसव के चलते नवजात शिशु को चोट भी आ गई.

सीएमएस ऊषा जंगपानी ने कहा कि “मेरे संज्ञान में जब यह मामला आया तो मैंने स्टाफ से पूछा, जहां मुझे बताया गया कि गर्भवती की जांच की गई थी. लेकिन इस दौरान वह तत्काल प्रसव की स्थिति नहीं दिख रही थी. महिला को घर जाने के लिए नहीं कहा गया था, न ही उसे रेफर किया गया था. बता दें अब इस मामले में कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. साथ ही मामले की जांच की जा रही है.