बाॅलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की आगामी फिल्म पृथ्वीराज चौहान (Prithviraj Chauhan) 3 जूून सिनेमा घरों में रिलीज होने वाली है। डूबते बाॅलीवुड को बचाने के लिए भले ही अभिनेताओं और फिल्म निर्माताओं ने हिन्दू समाज के इतिहास और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए फिल्म बनाने की कोशिश की लेकिन बावजूद इसके भी लोग अब फिल्म देखना पसंद नहीं कर रहे हैं।

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लेकिन अब अक्षय कुमार की इस फिल्म में गलत इतिहास बताया गया है। इस फिल्म अक्षय कुमार की इस फिल्म में की गई एक्टिंग की उनकी एक पुरानी काॅमेडी फिल्म चांदनी चौक टू चाइना से की गई है। जिसमें वे महाराजाओं की पौसाख पहने दिआई देते हैं। लोगों ने अक्षय कुमार पर महान हिन्दू सम्राट पृथ्वीराज चौहान के किरदार का मज़ाक बनाने का आरोप लगाया है।

राजपूत नहीं गुज़र थे पृथ्वीराज चौहान

वहीं अब इस फिल्म में दिखाए गए इतिहास की सच्चाई बाहर निकल कर आ रही है। राजस्थान के अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा ने दावा किया है कि पृथ्वीराज चौहान राजपूत नहीं, गुर्जर थे। महासभा ने कहा कि अगर पृथ्वीराज चौहान के लिए ‘राजपूत’ शब्द इस्तेमाल किया जाता रहेगा तो वह फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे।

महासभा ने दावा किया है कि पृथ्वीराज विजय महाकाव्य के सर्ग 10 के श्लोक नंबर 50 में पृथ्वीराज के किले को गुर्जर दुर्ग लिखा है जबकि सर्ग 11 के श्लोक नंबर 7 और 9 में गुर्जरों द्वारा गौरी को हराने का वर्णन दिया गया है।