Uniform Civil Code In Uttarakhand: उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड के प्रस्ताव को आगामी विधानसभा सत्र 2024 में मंजूरी देने जा रही है। वर्तमान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर इसकी पूर्व में ही घोषणा कर दी है। गौरतलब है कि प्रदेश में 2 फरवरी से विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है और समान नागरिक संहिता बिल को प्राथमिकता दी जानी है।
उत्तराखंड में भाजपा ने चुनाव से पूर्व यूसीसी लागू करने की घोषणा की थी। अब आगामी लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही सरकार सबसे पहले इस कानून को उत्तराखंड में लागू करने जा रही है। खबरों की मानें तो विशेषज्ञ समिति ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और 2 फरवरी के दिन विधानसभा में पेश करेगी।
समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए गठित कमेटी 2 फरवरी को ड्राफ्ट प्रदेश सरकार को सौंपेगी। हम देवभूमि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए संकल्पित हैं।#UCCInUttarakhandpic.twitter.com/SDfIdv6azN
2022 में हुई थी पहली बार यूसीसी लागू करने की घोषणा
पुष्कर धामी ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद राज्य में नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने का वादा किया था। साल 2022 को हुई पहली कैबिनेट बैठक में नागरिक संहिता कानून (UCC) लागू करने का फैसला किया था और ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 27 मई, 2022 को सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यों की एक विशेष समिति का गठन किया गया था। इस पांच सदस्यीय टीम में प्रमोद कोहली (न्यायमूर्ति दिल्ली हाईकोर्ट से.नि), शत्रुघ्न सिंह, डॉ. सुरेखा डंगवाल तथा मनु गौड़ को शामिल किए गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें यह नियम संविधान के 44वें अनुच्छेद में आती है। इसमें कहा गया है सभी नागरिकों समान संहिता के अंतर्गत रहने की कोशिश करेंगे।