साइबर अपराधी लोगों की गढ़ी कमाई लूटने के नए-नए तरीके अपनाती है और उन्हें बहलाकर फुसलाकर उनकी गढ़ी कमाई साफ करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में यदि एक छोटी सी चूक हो जाए तो समझ लो कि आपका खाता साफ हो गया।
साइबर अपराधी लोगों की गढ़ी कमाई लूटने के नए-नए तरीके अपनाती है और उन्हें बहलाकर फुसलाकर उनकी गढ़ी कमाई साफ करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में यदि एक छोटी सी चूक हो जाए तो समझ लो कि आपका खाता साफ हो गया। ऐसा ही मामला उत्तरकाशी में मिला जहां फर्जी एजेंट बनकर लोन दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 14 लाख से अधिक की धोखाधड़ी की गई। जब व्यक्ति को अपने साथ धोखाधड़ी का अहसास हुआ तो फिर उन्होंने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। करीब दो साल बाद उत्तरकाशी पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर फर्जी एजेंट बनकर लाखों रु. की धोखाधड़ी करने वाले अन्तर्राजीय गिरोह के शातिर आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया गया।
14 लाख की धोखाधड़ी
पुलिस के अनुसार साल 2022 में डामटा पुरोला निवासी एक व्यक्ति द्वारा 4 व्यक्तियों के खिलाफ एजेन्ट बनकर लोन देने के नाम भिन्न-भिन्न तिथियों में अलग-अलग खातों में 14 लाख 44 रु. की धोखाधडी करने के सम्बन्ध में थाना पुरोला पर लिखित तहरीर दी गई थी, तहरीर के आधार पर उक्त अभियुक्तों के विरुद्ध थाना पुरोला पर धोखाधड़ी की धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए SP उत्तरकाशी द्वारा अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु पुरोला पुलिस व एसओजी की संयुक्त टीम घटित की गयी थी।
आरोपी गिरफ्तारी से बचने हेतु बार-बार स्थान बदलते रहा था, जिसकी वजह से आरोपी को पकड़ने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस टीम द्वारा पुनः अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु दबिश देते हुये प्रकरण से सम्बन्धित एक अभियुक्त रविकुमार पुत्र राम मिस्त्री निवासी मीरविगह थाना बारिसलीगंज जनपद नवादा, बिहार को स्थानीय पुलिस के सहयोग से बारिसलीगंज, नवादा से गिरफ्तार किया गया। जिसे बीते गुरुवार न्यायालय के समक्ष पेश गया।